राष्ट्रीय
पेपर लीक पर बड़ा प्रहार: राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नया कानून लागू, दोषियों को 10 साल तक की सजा
सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली पर सख्ती, सिंडिकेट पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।
देशभर में अब पेपर लीक माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन कानून, 2026 लागू हो गया है। नए कानून के तहत पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
✅ 5 से 10 साल तक की जेल
✅ दोषियों पर 50 लाख रुपये तक जुर्माना
✅ संगठित पेपर लीक सिंडिकेट पर कम से कम 7 साल की सजा और कम से कम 10 करोड़ रुपये का जुर्माना
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पेपर लीक माफिया छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी बने।
