झारखंड
हजारीबाग में शॉर्ट सर्किट का कहर! चंद मिनटों में गरीब की रोज़ी-रोटी राख, दमकल पहुंची देर से
"अगर समय पर दमकल पहुंचती, तो शायद बच जाती एक गरीब की पूरी दुनिया!"
हजारीबाग के कोरा चौक के पास आज एक ऐसी घटना हुई जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
अचानक बिजली के पोल में हुए शॉर्ट सर्किट ने देखते ही देखते विकराल आग का रूप ले लिया। चिंगारियां इतनी तेजी से फैलीं कि आग ने पास की एक दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के 8 से 10 घरों पर भी खतरा मंडराने लगा और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जिस दुकान में आग लगी, वह किसी बड़े कारोबारी की नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार की रोज़ी-रोटी का सहारा थी। कुछ ही मिनटों में दुकान में रखा प्लास्टिक का सामान, जरूरी सामान और वर्षों की मेहनत आग में जलकर राख हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में करीब 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दमकल विभाग को घटना की सूचना करीब 45 मिनट पहले दे दी गई थी। लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था।
सबसे बड़ी बात यह रही कि एक राहगीर ने बिना अपनी जान की परवाह किए दुकान का ताला तोड़ा और अंदर रखा जितना सामान बचाया जा सकता था, उसे बाहर निकालने की कोशिश की। अगर उस समय स्थानीय लोग और वह युवक हिम्मत नहीं दिखाते, तो आग और भी बड़ा रूप ले सकती थी और कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे।
अब सवाल यह उठता है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती, तो क्या एक गरीब की मेहनत की कमाई बच सकती थी? क्या आपातकालीन सेवाओं में इतनी देरी उचित है?
फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन एक गरीब परिवार की उम्मीदें राख में बदल चुकी हैं। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि पीड़ित परिवार को कितनी जल्दी राहत और मुआवजा मिलता है।
कैमरे के पीछे से बस यही अपील—बिजली के तारों और पोल में किसी भी तरह की खराबी दिखे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें, क्योंकि एक छोटी सी चिंगारी किसी की पूरी जिंदगी जला सकती है।
