झारखंड
“नन्हा सा दिल” ने जगाई उम्मीद, 105 बच्चों की जांच में 30 मिले हृदय रोग से पीड़ित
निःशुल्क इलाज से मिलेगा नया जीवन, हजारीबाग से शुरू हुई बच्चों के दिल की देखभाल की बड़ी पहल।
“नन्हा सा दिल” पहल से बच्चों को मिलेगी नई जिंदगी
सदर अस्पताल सह SMCH में हृदय जांच शिविर, 105 बच्चों की स्क्रीनिंग में 30 में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि
हजारीबाग, 8 अगस्त 2026।
हजारीबाग के सदर अस्पताल सह शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SMCH) में शनिवार को “नन्हा सा दिल – बाल हृदय जांच एवं उपचार” कार्यक्रम के तहत विशेष हृदय जांच शिविर का आयोजन किया गया। श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग (CHD) से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें पूरी तरह निःशुल्क उपचार एवं ऑपरेशन उपलब्ध कराना है।
सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस शिविर में कुल 105 बच्चों की इको स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान 30 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई। चिन्हित सभी बच्चों को आगे की निःशुल्क चिकित्सा एवं ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण पहल में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK), ICDS/आंगनवाड़ी, शिक्षा विभाग और CCL के CSR का सहयोग मिल रहा है।
शिविर के दौरान उपायुक्त हेमंत सती, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, सदर प्रभारी डॉ. अमरेश कुमार, DEIC मैनेजर जितेंद्र कुमार सहित RBSK के चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की स्क्रीनिंग टीम ने भी बच्चों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हैदराबाद केंद्र से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. एम. साई गणेश एवं डॉ. गोनापाली वैष्णवी ने बच्चों की हृदय संबंधी जांच की। वहीं निरंजन त्रिपाठी, प्रतिमा उरांव, लक्ष्मी प्रिया, ललिता और निशा सहित टीम के सदस्यों ने शिविर के संचालन में अहम योगदान दिया।
गरीब परिवारों के बच्चों के लिए बड़ी राहत
उपायुक्त हेमंत सती और सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान बच्चों के जीवन को बचाने में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को यदि बेहतर इलाज बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल जाए, तो इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती।
उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर संचालित करने की आवश्यकता जताई और कार्यक्रम के विस्तार के लिए प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
RBSK के चिकित्सा पदाधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग करती है। ऐसे में श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान और उन्हें उपचार तक पहुंचाने की प्रक्रिया काफी आसान हुई है।
चार केंद्रों पर होगा निःशुल्क इलाज
शिविर में चिन्हित बच्चों का उपचार श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विभिन्न केंद्रों में पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा। इनमें रायपुर (छत्तीसगढ़), कोंडापाका (तेलंगाना), खारघर (नवी मुंबई) और पलवल (हरियाणा) शामिल हैं।
बताया गया कि “नन्हा सा दिल” पहल के तहत पूरे झारखंड में अब तक 600 से अधिक बच्चों के सफल हृदय ऑपरेशन किए जा चुके हैं। यह अभियान उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन रहा है, जो आर्थिक परेशानी के कारण अपने बच्चों के हृदय रोग का महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं थे।
हजारीबाग में आयोजित यह शिविर केवल एक चिकित्सा जांच कार्यक्रम नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को स्वस्थ और बेहतर भविष्य देने की दिशा में एक मानवीय पहल के रूप में सामने आया है।
